मुद्दत हुई (poem)
मुद्दत हुई तुम नहीं आओगे इल्म था हमें मुद्दतें पहले ही तुम्हारी बे-आराम दे…
मुद्दत हुई तुम नहीं आओगे इल्म था हमें मुद्दतें पहले ही तुम्हारी बे-आराम देह बहुत कुछ बयाँ कर गई थी पर दिल है कि तस्लीम नहीं करता वो क़वान…
Read moreतुम कौन हो जो तुम हो वो दिखाते नहीं खुद को खुद से छिपाते हो तुम एक झीनी सी रेखा है, असल में तुम्हारे होने व ना होने के बीच तुम जो हो…
Read moreजब दिल उदास हो जब दिल उदास हो तो पुरानी तस्वीरें देखी जाती है नई तस्वीरें बनाई जाती है पुराने दिन याद किये जाते हैं कुछ जज्बातों को फिर स…
Read moreगुफ़्तगू 6.6.26 * चीज हमारे पास होती है उससेे नहीं, जो चीज हमारे पास नहीं होती उसे खोने से डरते हैं हम .... 7.6.26 * लगता है वक़्त …
Read moreइश्क़ में 1. हम उन्हें देख सकते हैं। ठहरने की इजाजत नहीं है।। हम उन्हें महसूस कर सकते हैं। होने की इजाजत नहीं है।। हम उ…
Read moreअनकही सी मोहब्बत अनकही सी मोहब्बत अनकही ही रहती तो अच्छा रहता कहने से बिखर गई इधर - उधर जाने किधर - किधर ढूँढ रही मैं तित…
Read moreगहरी नींद गहरी नींद तुम्हारा स्वप्न.. कहानी कही अनकही सी... तेरे मेरे जज्बात कुछ पल साथ गुजरने का... एक छोटा सा पल - …
Read moreभूल सकना (poem) भूल सकना मुमकिन होता तो तुम्हें जरूर भुला देते। रोज आग में जलना किसे अच्छा लगता है। । कोई दवा कोई दुआ होती तो जरूर आज…
Read moreभूल (poem) हमारी भूल थी हमने कुछ ज्यादा ही तमनाएँ पाल ली। खुशफहमी हो चली थी अपनी तकदीर पे हमारी भूल थी। कुछ पन्ने खुलते ही हैं बंद हो…
Read moreMuktak *दर्द में दुख में उदासी में तन्हाई में जब तक हम रोते हैं तब तक-सब ठीक है जिस दिन आँसू सुख जाये तब-सब ठीक नहीं होता। * पास…
Read moreमु्ददतों के बाद बड़ी मु्ददतों के बाद तुम्हें पाया है डर है कि तुम फिर चले ना जाओ... करोड़ो सीपियों के बीच तुम्हें ढुंढा है डर है कि तुम क…
Read moreमुद्दत हुई तुम नहीं आओगे इल्म था हमें मुद्दतें पहले ही तुम्हारी बे-आराम दे…