गुफ़्तगू
यूँ ही....
गुफ़्तगू 6.6.26 * चीज हमारे पास होती है उससेे नहीं, जो चीज हमारे पास नहीं होती उसे खो…
गुफ़्तगू 6.6.26 * चीज हमारे पास होती है उससेे नहीं, जो चीज हमारे पास नहीं होती उसे खोने से डरते हैं हम .... 7.6.26 * लगता है वक़्त अब जाने …
Read moreइश्क़ में 1. हम उन्हें देख सकते हैं। इबादत की इजाजत नहीं है।। हम उन्हें महसूस कर सकते हैं। होने की इजाजत नहीं है।। हम उ…
Read moreअनकही सी मोहब्बत अनकही सी मोहब्बत अनकही ही रहती तो अच्छा रहता कहने से बिखर गई इधर - उधर जाने किधर - किधर ढूँढ रही मैं तित…
Read moreगहरी नींद गहरी नींद तुम्हारा स्वप्न.. कहानी कही अनकही सी... तेरे मेरे जज्बात कुछ पल साथ गुजरने का... एक छोटा सा पल - …
Read moreभूल सकना (poem) भूल सकना मुमकिन होता तो तुम्हें जरूर भुला देते। रोज आग में जलना किसे अच्छा लगता है। । कोई दवा कोई दुआ होती तो जरूर आज…
Read moreभूल (poem) हमारी भूल थी हमने कुछ ज्यादा ही तमनाएँ पाल ली। खुशफहमी हो चली थी अपनी तकदीर पे हमारी भूल थी। कुछ पन्ने खुलते ही हैं बंद हो…
Read moreMuktak *दर्द में दुख में उदासी में तन्हाई में जब तक हम रोते हैं तब तक-सब ठीक है जिस दिन आँसू सुख जाये तब-सब ठीक नहीं होता। * पास…
Read moreमु्ददतों के बाद बड़ी मु्ददतों के बाद तुम्हें पाया है डर है कि तुम फिर चले ना जाओ... करोड़ो सीपियों के बीच तुम्हें ढुंढा है डर है कि तुम क…
Read moreकोई इंतजार करता चला जाता है तारीखें बदलती रहती है दिन गुजरता रहता है थमा - थमा सा वक़्त भी चला ही जाता है पर कोई बिछोह के उस लम्हें में …
Read moreजब तु याद आये जब तू याद आये इस कदर कि गीली लकड़ी सी सुलगूँ और अपने ही बेजार दिल को थामूँ जब तु याद आये इस कदर कि आसमां की चांदनी भी मा…
Read moreमुस्कुराती हूँ मुस्कुराती हूँ दुख हो या सुख हो याद में या इंतज़ार में मिलन हो या बिछोह में दर्द में या रुदन में ऊँच में या नीच में मान में या अपमान म…
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गुफ़्तगू
गुफ़्तगू 6.6.26 * चीज हमारे पास होती है उससेे नहीं, जो चीज हमारे पास नहीं होती उसे खो…