shyari
यादों से रिहाई
यादों से रिहाई हमें उनसे मोहब्बत इतनी है कि उनकी परछाइयों को भी निहारते हैं बड़ी शिद्द…
यादों से रिहाई हमें उनसे मोहब्बत इतनी है कि उनकी परछाइयों को भी निहारते हैं बड़ी शिद्दत से यादें जब आती है बड़ी इश्तिदाद से मौत की ख्याल भी सुकून देत…
Read moreतस्वीरें जब भावनाएं बेकाबू हो जाती है थोड़ी सी चाहत थोड़ी सी मोहब्बत की ख्वाहिश सी जगती है दिल इश्क में फना होना चाहता है थोड़ा जीना थोड़…
Read moreकेतु क्या है केतु क्या है ? बचपन में जब यह सवाल उठे गर मैं कौन हूं ? शरीर से अलग आत्मा की खोज हो... जब मन आपका ढूंढे यह सवाल कि इसी श…
Read moreजो लोग चले जातें हैं कल फिर कोई चला गया... मानों कोई प्रतियोगिता चल रही हो... शब्द अक्सर खो जाते हैं किसी के जाने से। कभी-कभी किसी ख…
Read moreबस इतनी सी मिल्कियत अपनी ही जज़्बातों से खुद ही फ़रेब खा रही ... अपनी ही उम्मीदों की राख लपेटे जसद शमशान सा लग रहा... पलकों की भींगी को…
Read moreविष्णु और ब्रह्मा कौन पूजनीय एक समय की बात है क्षीरसागर में श्याम वर्ण के बड़े-बड़े पत्थरों से बने मंदिर रूपी महल में जिसमें सर्वत्र जल…
Read moreकिताब कैसे पढ़े? सवाल कितना आसान है जवाब आसान है क्या.... जो भी हो किताब थोड़ी-थोड़ी ही पढ़ा करें। मयखाने में रखी शराब थोड़ी-थोड़ी …
Read moreनफस की बात पहली बार अपने आप पे रोना आया.. ऐसे ना थे हम इस बात पे रोना आया... सही व गलत से परे मेरा इश्क़ फिर क्यों इस सहब पे रोना …
Read moreपसंदीदा कोना हर किसी के घर व जीवन में एक पसंदीदा कोना होता है जहाँ बैठकर सुकून के पल गुजरा करते हैं चाय और कॉफी के प्याले होते हैं पसंद …
Read moreयाद आती है याद आती है बहोत आती है जब आती है तो जाती नहीं जाती नहीं तो मिलने का दिल करता है मिलने का कोई Option नहीं.... कोई …
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यादों से रिहाई हमें उनसे मोहब्बत इतनी है कि उनकी परछाइयों को भी निहारते हैं बड़ी शिद्द…