नफस की बात / poem
नफस की बात पहली बार अपने आप पे रोना आया.. ऐसे ना थे हम इस बात पे रोन…
नफस की बात पहली बार अपने आप पे रोना आया.. ऐसे ना थे हम इस बात पे रोना आया... सही व गलत से परे मेरा इश्क़ फिर क्यों इस सहब पे रोना …
Read moreपसंदीदा कोना हर किसी के घर व जीवन में एक पसंदीदा कोना होता है जहाँ बैठकर सुकून के पल गुजरा करते हैं चाय और कॉफी के प्याले होते हैं पसंद …
Read moreयाद आती है याद आती है बहोत आती है जब आती है तो जाती नहीं जाती नहीं तो मिलने का दिल करता है मिलने का कोई Option नहीं.... कोई …
Read moreउदास इश्क़ 5 कभी कभी उदास इश्क़ कि हर शाम उदास होती है कभी लफ़्ज उदास है तो कभी मौसम उदास होता है घर का हर साजों सामान अपनी उदासी की द…
Read moreखिड़की से चांद (poem) जब तक मुस्कुराता है खिड़की से चांद हमें नींद नहीं आती भले हो रात के दूसरे पहर हाथों में हो चाय के प्याले गोद मे…
Read moreख्याल-ए-दिल (poem) दिल को बहलाने के लिये ख्याल बड़े अच्छे-अच्छे आते हैं हमें दिल डूब भी जाता है ख्यालों के डगर में बड़े ग…
Read moreमुद्दत हुई तुम नहीं आओगे इल्म था हमें मुद्दतें पहले ही तुम्हारी बे-आराम देह बहुत कुछ बयाँ कर गई थी पर दिल है कि तस्लीम नहीं करता वो क़वान…
Read moreतुम कौन हो जो तुम हो वो दिखाते नहीं खुद को खुद से छिपाते हो तुम एक झीनी सी रेखा है, असल में 'जो तुम हो' तुम्हारे होने व ना ह…
Read moreजब दिल उदास हो जब दिल उदास हो तो पुरानी तस्वीरें देखी जाती है नई तस्वीरें बनाई जाती है पुराने दिन याद किये जाते हैं कुछ जज्बातों को फिर स…
Read moreनफस की बात पहली बार अपने आप पे रोना आया.. ऐसे ना थे हम इस बात पे रोन…