गहरी नींद (poetry)
गहरी नींद गहरी नींद तुम्हारा स्वप्न.. कहानी कही अनकही सी..…
मन (कविता) मन को तरह - तरह से समझाया कभी फुसलाया कभी बहलाया बात नहीं बनी तो कभी डांटा कभी फटकारा सौ - सौ उलहाने दिये खुद को सौ - सौ जतन …
Read more* ख्याल मिले जज्बात मिले तेरे होने से मेरा शहर मिले। क्या ढूंढ रही है जिंदगी ख्वाहिशों का अम्बार मिले।। * तुम्हारा मिलना गैरजरूरी है…
Read more1. कल रात खुदा से मुलाकात हो गई तुम्हारे दीदार की दुआ हो गई इतना भी क्यों खफा हो गई सारे जहां को खबर हो गई.... 2…
Read moreगहरी नींद गहरी नींद तुम्हारा स्वप्न.. कहानी कही अनकही सी..…