यादों से रिहाई
यादों से रिहाई हमें उनसे मोहब्बत इतनी है कि उनकी परछाइयों को भी निहारते है…
उदास इश्क़ 5 कभी कभी उदास इश्क़ कि हर शाम उदास होती है कभी लफ़्ज उदास है तो कभी मौसम उदास होता है घर का हर साजों सामान अपनी उदासी की द…
Read moreख्याल-ए-दिल (poem) दिल को बहलाने के लिये ख्याल बड़े अच्छे-अच्छे आते हैं हमें दिल डूब भी जाता है ख्यालों के डगर में बड़े ग…
Read more1. ये हमारी मर्जी होती है हम सच को चुने या झूठ को जीने का अपना तरीका है मुखौटा पहने या उतारे। 2. किसी को झूठ से ऑक्सीजन मिलता है किसी को सत्य स…
Read moreयादों से रिहाई हमें उनसे मोहब्बत इतनी है कि उनकी परछाइयों को भी निहारते है…