मु्ददतों के बाद (कविता)
मु्ददतों के बाद बड़ी मु्ददतों के बाद तुम्हें पाया है डर है कि तुम फिर चले …
1. ये हमारी मर्जी होती है हम सच को चुने या झूठ को जीने का अपना तरीका है मुखौटा पहने या उतारे। 2. किसी को झूठ से ऑक्सीजन मिलता है किसी को सत्य स…
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