याद
याद जब आती है याद बड़ी शिद्दत से उनकी दिल संभलता नहीं फिर किसी बात से तो …
केतु (कविता) जो दिल से उतर जाते वो माथे पे नहीं सजते हैं । जो नजर से गिर जाते वो माथे का गुरूर नहीं बनते हैं ।। वो खुश हैं इस भ्रम में …
Read moreफरेब (कविता /Poetry) झूठे लोग तस्वीर बड़ी अच्छी बनाते हैं अपनी... रावण के तो दस सिर थे ये तो सौ-पचास मुखौटे लिया घूमते हैं ... इनके…
Read moreसच पे सिलवट / कविता किसी ने कहा मुझसे झूठ बोलने में माहिर हूं मैने खुद से कहा सच खोजने में माहिर हूं झूठ बोलने वाले का ख्याल है झूठ से दुनियां …
Read more