मु्ददतों के बाद (कविता)
मु्ददतों के बाद बड़ी मु्ददतों के बाद तुम्हें पाया है डर है कि तुम फिर चले …
मु्ददतों के बाद बड़ी मु्ददतों के बाद तुम्हें पाया है डर है कि तुम फिर चले ना जाओ... करोड़ो सीपियों के बीच तुम्हें ढुंढा है डर है कि तुम क…
Read moreकोई इंतजार करता चला जाता है तारीखें बदलती रहती है दिन गुजरता रहता है थमा - थमा सा वक़्त भी चला ही जाता है पर कोई बिछोह के उस लम्हें में …
Read moreमन (कविता) मन को तरह - तरह से समझाया कभी फुसलाया कभी बहलाया बात नहीं बनी तो कभी डांटा कभी फटकारा सौ - सौ उलहाने दिये खुद को सौ - सौ जतन …
Read moreभले ही ना आओ उम्र भर भले ही ना आओ उम्र भर पर कह के जाना आऊंगा .... भले ही ना मिलो फिर कभी पर कह के जाना फिर मिलेंगे..…
Read moreमुक्तक् 1. जो कहीं हो तो ढुंढ लूँ उसे जो हर जगह है उसका कैसे पता करूँ 2. खुद को ढुँढु अपना पता खोजूँ सब खो के ही ख…
Read moreतुम्हारी यादें तुम्हारी यादें धूप का एक टुकड़ा ओस की बुंदे पतझड़ का फूल तन्हाइयों की बातें और शाम की रोशनाई लफ्ज़ बुद-बुदाये तेरा शुक्र…
Read moreरात स्वप्न में (कविता) कल रात स्वप्न में बाहों का श्रृंगार था थोड़ी सी मुस्कान थी पाक मोहब्बत की थोड़ी से कहानी थी।
Read moreउदास इश्क 4 उदास इश्क मेरे साथ रोज गुजरती है कुछ कही कुछ अनकही जज्बातों को समेटती है तुम हकीकत हो या खयाल हो मेरा , इस आग से जब रोज …
Read moreतुम्हारा स्वप्न (छोटी कविता) सुबह सुबह तुम्हारा स्वप्न आया तुम्हारा शहर भी पहाड़ हो गया सारी फिजा सफेद हो गयी रंग जैसे फना हो गया तु…
Read moreउदास इश्क (kavita) एक उदास इश्क मेरे पहलू से रोज गुजरती है नम आंखों व मुस्कुराते लबों से पूछती है - इश्क की वजह क्या है ? कैसे कहूं …
Read moreतेरी याद (कविता) इक याद तेरी, मेरी सांसों से गुजरती जरूर है पर कोई जवाब रूह को मयस्सर नहीं .... इक उदासी रगों में छा…
Read moreतेरी आंखों में (कविता ) सोचती हूं तुम्हें इक पैगाम भेज दुं और ना हो कुछ तो सवाल भेज दुं याद आती है कभी मेरी लिख सको तो कागज और दवात भेज दुं …
Read moreमु्ददतों के बाद बड़ी मु्ददतों के बाद तुम्हें पाया है डर है कि तुम फिर चले …