यादों से रिहाई
यादों से रिहाई हमें उनसे मोहब्बत इतनी है कि उनकी परछाइयों को भी निहारते है…
जो लोग चले जातें हैं कल फिर कोई चला गया... मानों कोई प्रतियोगिता चल रही हो... शब्द अक्सर खो जाते हैं किसी के जाने से। कभी-कभी किसी ख…
Read moreक्या आपने भी बचपन में पारले जी और चीनी वाला बिस्कुट खाया है, निःसंदेह खाया ही होगा। बचपन की कुछ यादें होती हैं जो हमें कभी भूल नहीं देती …
Read moreआज मदर्स डे है। ये मदर्स डे, फादर डे या ब्रदर डे इत्यादि मुझे ज्यादा समझ नहीं आते ये सब तो पश्चिमी सभ्यता की बातें हैं। हम भारतीयों के ल…
Read moreआज मन उदास है, क्यों पता नहीं.... बेवजह यूँ ही... जींदगी मे सबकुछ बेवजह तो नहीं होता। हर बात हर लफ्ज हर चुनाव हर फैसला बिना वजह तो नहीं होता। फिर ये …
Read moreपिछले कुछ दिनों से बारिश हो रही है, पर रूह को खुशी नहीं मिल रही है। बारिश भी उदास सी लग रही है। शायद वो भी गमजदा है,लगता है उसे भी आने वाले तुफान का …
Read moreयादों से रिहाई हमें उनसे मोहब्बत इतनी है कि उनकी परछाइयों को भी निहारते है…