पारिजात की तरह
पारिजात की तरह पारिजात की खुबसुरती टूटकर बिखर जाने में है चलो एक बार फिर भ…
जो लोग चले जातें हैं कल फिर कोई चला गया... मानों कोई प्रतियोगिता चल रही हो... शब्द अक्सर खो जाते हैं किसी के जाने से। कभी-कभी किसी ख…
Read moreकिताब कैसे पढ़े? सवाल कितना आसान है जवाब आसान है क्या.... जो भी हो किताब थोड़ी-थोड़ी ही पढ़ा करें। मयखाने में रखी शराब थोड़ी-थोड़ी …
Read moreज्यादा महत्वपूर्ण क्या है जीवन में ज्ञान या सुख ? मनुष्य का अंतिम लक्ष्य ज्ञान ही होना चाहिए क्योंकि सुख,आनंद,मनोरंजन आदि का एक ना एक दिन अंत हो ही …
Read moreFebruary 2022 - डायरी 4-2-22 समय क्षण-भंगूर है साल 20 और 21 कैसे गुजर गया पता ही नहीं चला। हर महीना कैसे क्षण-भंगुर की तरह उड़ गया पता ही नहीं चला। 2…
Read moreडायरी 31-1-22 हमलोग सभी के साथ होते हैं यह जानते हुए की हमारे साथ कभी कोई …
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