मुद्दत हुई (poem)
मुद्दत हुई तुम नहीं आओगे इल्म था हमें मुद्दतें पहले ही तुम्हारी बे-आराम दे…
तुम कौन हो जो तुम हो वो दिखाते नहीं खुद को खुद से छिपाते हो तुम एक झीनी सी रेखा है, असल में तुम्हारे होने व ना होने के बीच तुम जो हो…
Read moreजब दिल उदास हो जब दिल उदास हो तो पुरानी तस्वीरें देखी जाती है नई तस्वीरें बनाई जाती है पुराने दिन याद किये जाते हैं कुछ जज्बातों को फिर स…
Read moreमन (कविता) मन को तरह - तरह से समझाया कभी फुसलाया कभी बहलाया बात नहीं बनी तो कभी डांटा कभी फटकारा सौ - सौ उलहाने दिये खुद को सौ - सौ जतन …
Read moreभले ही ना आओ उम्र भर भले ही ना आओ उम्र भर पर कह के जाना आऊंगा .... भले ही ना मिलो फिर कभी पर कह के जाना फिर मिलेंगे..…
Read moreमुक्तक् 1. जो कहीं हो तो ढुंढ लूँ उसे जो हर जगह है उसका कैसे पता करूँ 2. खुद को ढुँढु अपना पता खोजूँ सब खो के ही ख…
Read moreमुद्दत हुई तुम नहीं आओगे इल्म था हमें मुद्दतें पहले ही तुम्हारी बे-आराम दे…