कि इंतजार में वक़्त थम सा गया है।
तुम्हारा आना अब बस दुआओं की बात है
कि अब मरना भी दुश्वार हो सा गया है।।
क्या तुम बस स्वप्न बनके आये थे
ये बात तो बताते जाओ ।
अब फिर से वही दर्द सहने की हिम्मत नहीं
जवाब बताते जाओ।।
ख्याल इस कदर तुम्हारा कि
इस जहाँ से जाने को दिल करता है।
इतने पत्थर दिल हो कि
मर जाने को दिल करता है।।
मर्ज़ पाला है जो खुद से हमने
अब खुदा से भी शिकवा कर नहीं सकते।
रेत पे चलने का फैसला खुद लिया
तिश्नगी बुझेगी कैसे ताउम्र का सवाल लिया हमने।।
~Rashmi
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