तस्वीरें
जब भावनाएं बेकाबू हो जाती है
थोड़ी सी चाहत थोड़ी सी मोहब्बत
की ख्वाहिश जगती है
दिल इश्क में फना होना चाहता है
थोड़ा जीना थोड़ा मरना चाहता है
फिर याद आता है
कोई भूलने की कोशिश में है
या भुला चुका...
तो तस्वीरों को मिटाना पड़ता है
जज्बातों को दबाना पड़ता है
दिल को मोम से
पत्थर का बनाना पड़ता है
रोज की कहानी है ये
इस आग से रोज गुजरना पड़ता है
हमारे दिल कि यही किस्मत है
किस्मत से भला कोई जीत पाया है...
फिर भला क्यूँ
उनकी मुश्किलें बढ़ाये हम
क्यूँ याद दिलाये हम
हमारे होने या ना होने के फलसफे को
इतने भी कमजोर हैं, नहीं हम
इसलिए तस्वीरों को लिख कर.....
Rashmi~
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