फिर एक स्वप्न तेरा
हृदय पे मुस्कुराया।
भ्रम मेरा
रेत की तरह
फिसल गया मुझसे
न दवा की न दुआ की
ख्याल तेरा इत्र की तरह
फैल गया मुझपे।
ना शहर गई न बाजार गई
संदेश तेरा
कागज के टुकड़ों पे
ख्वाब बन उकेरा गया तुझसे।
भोर की धूप में
एक सहर हो गया मुझपे।
फिर एक स्वप्न तेरा....
अर्थ :
सहर- जादू
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