याद
याद जब आती है याद बड़ी शिद्दत से उनकी दिल संभलता नहीं फिर किसी बात से तो …
उदास इश्क़ 5 कभी कभी उदास इश्क़ कि हर शाम उदास होती है कभी लफ़्ज उदास है तो कभी मौसम उदास होता है घर का हर साजों सामान अपनी उदासी की द…
Read moreखिड़की से चांद (poem) जब तक मुस्कुराता है खिड़की से चांद हमें नींद नहीं आती भले हो रात के दूसरे पहर हाथों में हो चाय के प्याले गोद मे…
Read moreख्याल-ए-दिल (poem) दिल को बहलाने के लिये ख्याल बड़े अच्छे-अच्छे आते हैं हमें दिल डूब भी जाता है ख्यालों के डगर में बड़े ग…
Read moreमुद्दत हुई तुम नहीं आओगे इल्म था हमें मुद्दतें पहले ही तुम्हारी बे-आराम देह बहुत कुछ बयाँ कर गई थी पर दिल है कि तस्लीम नहीं करता वो क़वान…
Read moreतुम कौन हो जो तुम हो वो दिखाते नहीं खुद को खुद से छिपाते हो तुम एक झीनी सी रेखा है, असल में 'जो तुम हो' तुम्हारे होने व ना ह…
Read moreजब दिल उदास हो जब दिल उदास हो तो पुरानी तस्वीरें देखी जाती है नई तस्वीरें बनाई जाती है पुराने दिन याद किये जाते हैं कुछ जज्बातों को फिर स…
Read moreगुफ़्तगू 6.6.26 * जो चीज हमारे पास होती है उससेे नहीं, जो चीज हमारे पास नहीं होती उसे खोने से डरते हैं हम .... 7.6.26 * …
Read moreइश्क़ में 1. हम उन्हें देख सकते हैं। ठहरने की इजाजत नहीं है।। हम उन्हें महसूस कर सकते हैं। होने की इजाजत नहीं है।। हम उ…
Read moreअनकही सी मोहब्बत अनकही सी मोहब्बत अनकही ही रहती तो अच्छा रहता कहने से बिखर गई इधर - उधर जाने किधर - किधर ढूँढ रही मैं तित…
Read moreगहरी नींद गहरी नींद तुम्हारा स्वप्न.. कहानी कही अनकही सी... तेरे मेरे जज्बात कुछ पल साथ गुजरने का... एक छोटा सा पल - …
Read moreभूल सकना (poem) भूल सकना मुमकिन होता तो तुम्हें जरूर भुला देते। रोज आग में जलना किसे अच्छा लगता है। । कोई दवा कोई दुआ होती तो जरूर आज…
Read moreभूल (poem) हमारी भूल थी हमने कुछ ज्यादा ही तमनाएँ पाल ली। खुशफहमी हो चली थी अपनी तकदीर पे हमारी भूल थी। कुछ पन्ने खुलते ही हैं बंद हो…
Read moreMuktak *दर्द में दुख में उदासी में तन्हाई में जब तक हम रोते हैं तब तक-सब ठीक है जिस दिन आँसू सुख जाये तब-सब ठीक नहीं होता। * पास…
Read moreमु्ददतों के बाद बड़ी मु्ददतों के बाद तुम्हें पाया है डर है कि तुम फिर चले ना जाओ... करोड़ो सीपियों के बीच तुम्हें ढुंढा है डर है कि तुम क…
Read moreकोई इंतजार करता चला जाता है तारीखें बदलती रहती है दिन गुजरता रहता है थमा - थमा सा वक़्त भी चला ही जाता है पर कोई बिछोह के उस लम्हें में …
Read moreजब तु याद आये जब तू याद आये इस कदर कि गीली लकड़ी सी सुलगूँ और अपने ही बेजार दिल को थामूँ जब तु याद आये इस कदर कि आसमां की चांदनी भी मा…
Read moreमुस्कुराती हूँ मुस्कुराती हूँ दुख हो या सुख हो याद में या इंतज़ार में मिलन हो या बिछोह में दर्द में या रुदन में ऊँच में या नीच में मान में या अपमान म…
Read moreमन (कविता) मन को तरह - तरह से समझाया कभी फुसलाया कभी बहलाया बात नहीं बनी तो कभी डांटा कभी फटकारा सौ - सौ उलहाने दिये खुद को सौ - सौ जतन …
Read moreभले ही ना आओ उम्र भर भले ही ना आओ उम्र भर पर कह के जाना आऊंगा .... भले ही ना मिलो फिर कभी पर कह के जाना फिर मिलेंगे..…
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