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भूल ( poem)

भूल  (poem) 


हमारी भूल थी
हमने कुछ ज्यादा ही
तमनाएँ पाल ली। 

खुशफहमी हो चली थी
अपनी तकदीर पे
हमारी भूल थी। 

कुछ पन्ने खुलते ही हैं
बंद होने के लिये
हम ही तैयार ना थे
ये हमारी भूल थी। 

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