गुफ़्तगू
6.6.26
* जो चीज हमारे पास होती है
उससेे नहीं,
जो चीज हमारे पास नहीं होती
उसे खोने से डरते हैं हम ....
7.6.26
* लगता है वक़्त
अब जाने का हो गया
ख्यालों की दुनियां से
अब निकलने का हो गया
बहुत बहला लिये खुद को
जिंदगी यही है, दिल को
अब समझाने का हो गया
पर समझना और समझाना
इतना मुश्किल क्यों हो गया ...
8.6.26
* कुछ लोग ख्वाबों की तरह आते हैं ।
परिंदों की तरह उड़ जाते हैं।।
9.6.26
* कुछ दर्द जिये जाते हैं
लिखे नहीं जाते....
10.6.26
मोहब्बत किसी के साथ की जाती है।
इश्क़ तो अकेले ही की जाती है।।
11.6.26
प्यार करना दिलों की बात होती है।
प्यार का मिलना नसीबों की बात होती है।।
23.6.26
कुछ भ्रमों का टूट जाना ही अच्छा है
जिस गली के रास्ते बंद हो
वहाँ ठहर जाना ही गलत है
बस हृदय में इतनी हिम्मत हो
वहाँ से रुखसत हो जाने का....
28-6-26
सुकून ...
7.7.26
खुदा ने इंतजार करने का काम
मेरे नसीब में ताउम्र लिखा
खुदा ने इंतजार करने का काम
मेरे नसीब में ताउम्र लिखा
हमने बड़ी शिद्दत से
यह काम बखूबी किया
उसने कहा इंतजार मत करना
उसने कहा इंतजार मत करना
हम तो बैठे बैठे ही
बेरोजगार हो गये....
9-7-26
जाने क्यूँ दिल मेरा बेचैन सा है
बात हुई नहीं कुछ ऐसी
पर ना जाने कैसा खौफ सा है....
इंसान भले ही थक जाए
पर आँसू नही थकते
बहते ही जाते हैं
अनवरत
वजह का पता नहीं
बस युं ही.....
10.7.26
गायब हो जाना उनका हुनर है
दिल की धज्जियाँ
उड़ जाना हमारा नसीब....
26.7.26
कुछ खो सा गया है
ढुंढ रहे हैं
क्या खो गया है....
27.7.26
रोज सोचते हैं
उन्हें ना सोचे
यह सोच
रोज उन्हें सोचते हैं।
28.7.26
जो सोचा ना
वो मिल जाये....
7.8.26
एक तस्वीर जो
सकड़ों दर्द
मिटा दे
कुछ पल
ही सही
सुकून से मिला दे...
11-8-26
स्वप्न तेरा
इस कदर
तड़पाता है
की मर जाने
को दिल करता है...
दिल को मनवा कर
देख लिया
सुनता ही नहीं
कोई बात....
जो तुम आकर
समझाओ तो समझ
जाए कोई बात...
12-8-26
गर होती मोहब्बत उन्हें हमसे।
तो हमें यूँ तड़पना ना पड़ता।।
20-8-26
.....................
26-8-26
जो तुम आते
तो समझ पाते
मेरी पीड़ा व संताप....
27-8-26
प्रेम करने कि
कोई वजह नहीं होती
फिर भी प्रेम किये जाते हैं
जहाँ ना आदि होता है
ना अंत, बस किये जाते हैं
1-9-26
कभी-कभी तीव्र इच्छा से
जो हम जानना चाहते हैं
वो ना जानना ही अच्छा होता है
2-9-27
मुझे पता है कि
मुझे कुछ पता नहीं...
4-9-26
जो हो नहीं सकता
उसे क्या खुदा से माँगना
जो हो सकता है
वो है सब्र....
टुकड़ों- टुकड़ों में बँटी ज़िंदगी,
मगर किताब पूरी मिलती है।..
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