Ticker

6/recent/ticker-posts

ख्याल-ए-दिल (poem)

  ख्याल-ए-दिल (poem) 



  दिल को बहलाने के लिये
  ख्याल बड़े अच्छे-अच्छे
  आते हैं हमें
  दिल डूब भी जाता है
  ख्यालों के डगर में 
  बड़े गहरे-गहरे
  यूँ ही... 
  ना जाने कितनी कहानियाँ
  चलती रहती है जेहन में
  ना टूटती है
  ना बिखरती है
  अनवरत बहती रहती है
  मानों नदी की धारा, 
  उफनती सागर के आँचल में जा
  ना जाने कैसे खो जाती है.. 
  मन भी ना जाने क्यों 
  वैसा ही हो गया, 
  दिल को बहलाने के लिये.... 


Rashmi~
 
 

Post a Comment

0 Comments