इश्क़ में
ठहरने की इजाजत नहीं है।।
हम उन्हें महसूस कर सकते हैं।
होने की इजाजत नहीं है।।
हम उनसे मोहब्बत कर सकते हैं।
इज़हार की इजाज़त नहीं है।।
2. कुछ मोहब्बत अकेले ही की जाती है।
किसी और से उम्मीद तन्हा ही करती है।।
3. कोई क्या समझेगा
हर मुस्कान से
पहले और बाद
कोई दर्द में जी के आया है।
4. पता नहीं क्या है तुममें
दिल से जाते नहीं,
खुदा थोड़ा भी मेहरबान
होता नहीं
कुछ पल के लिये ही सही
भुला दे तुम्हें।
5. हम रोज टूटते हैं
रोज खुद को समझाते हैं
फिर रोज बिखर जाते हैं....
हम रोज जीते हैं
हँस कर रोज मर जाते हैं....
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