सुंदरवन के शांत जंगल (कविता)
कहते हैं कुछ बात अनोखी
प्रकृति की गोद में
हम खड़े हैं घने-घने
हरियाली के सागर में
हम खोये-खोये पानी में
सुंदरवन के शांत जंगल
जंगल-पानी-जानवर व इंसान
आसमान से ढ़के-ढ़के
मन को मोहे पेड़ सारे....
टहनियाँ पतियों पानी
सब मिलकर गा रहे गीत..
जीवन-मृत्यु के सच के बीच
पेड़ बता रहे अपनी महत्ता
सुंदरवन के शांत जंगल...
~रश्मि
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