1. तु शुबहा करें
मैं सवाल भी ना करूं
इश्क की ऐसी दास्तां..
तु कत्ल करें
मैं फरियाद भी ना करूं.....
अब इश्क की ऐसी
दास्तां ना होगी.....
अब हर बात की
पड़ताल होगी।
2. अब मुझे रिहाई दे दे
मौला.....
जुदाई मगर ना दे
तु सबकी सुनता है
आज मेरी भी सुन
इतनी ही अरदास है
मौला......
अब मुझे रिहाई दे दे....
3. तेरी आँखों की ख़ामोशी से
मेरी गुफ़्तगु चलती है
तेरे एक नजर के दीदार से
मेरी इक दुनियां चलती है
तेरे हर किस्से से
मेरी आवारगी चलती है
तेरे एक पैगाम से
मेरी मोहब्बत बदस्तूर चलती है।
4. अनगिनत इच्छाऐं मन की
अनगिनत ख्वाब मन की
कुछ तेरे कुछ मेरे
कभी पुरे हुए कभी अधुरे रहे
मगर ऐ जिन्दगी
इश्क की दास्तान कभी कम ना हुई।
5. मोहब्बत वह बारिश है
जिस में भीगना सब चाहता है
अपने भींगे हुए पग के निशान
कोई घर नहीं ले जाना चाहता है।
~रश्मि
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