होना भी अच्छा होता है
कभी-कभी रिश्तों में औपचारिकता
ना निभाना भी अच्छा होता है
मन ना करे बात करने का
तो ना बात करना भी अच्छा होता है
लोगों की शिकायतों की पोटली
पर कभी-कभी जवाब
ना देना भी अच्छा होता है
जो नहीं है
उस पर चर्चा ना कर
जो है उस पर चर्चा करना
भी कभी-कभी अच्छा होता है
दूसरों को आईना दिखाने से अच्छा
खुद आईना देखना भी
कभी-कभी अच्छा होता है
चारों ओर कोलाहल से दूर
बंद कमरे में रहना भी
कभी-कभी अच्छा होता है
जिंदगी खुद की है तो
खुद की पसंद से जीना भी
कभी-कभी अच्छा होता है
लोगों के उलझते सवालों से
खुद को दुर रख
दिमाग को सुलझाये रखना
भी कभी -कभी अच्छा होता है
जिंदगी एक बार मिलती है
तो रूह कोकभी-कभी
सुकून देना भी अच्छा होता है
जियो और जीने दो
ये फलसफा भी
कभी-कभी अच्छा होता है
~रश्मि
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