अपने घर जाओ यार
कब तक लुटोगे
कब तक खाओगे
दूसरे का घर यार
अल्लाह भी देखता है
ईश्वर भी देखता है
ऐसा ना हो कहीं
ईश्वर ही तुमसे रूठ जाये
दुआ करो दुआ लो
हमें अब बक्श दो
हमारा खून खून ही है
तुम्हारा लगता है पानी हो गया
हम भी यार
इंसान ही है
इंसान ही रहने दो
भगवान भगवान करके
हमारा खून पिये जा रहे हो
कुछ तो छोड़ दो
फेफड़े और अंतड़िया को
अब तो सांस लेने दो
भरने दो चैन से
दो रोटी हलक से उतरने तो दो
जैसे खेतों का पानी सूख गया
वैसे आंखों का पानी
ठहर गया तुम्हारा
इतना सुनने और कहने के
बाद समझ ना आये
तो ईश्वर से मत कहना
हमने कौन सा गुनाह किया
अब अपने घर जाओ यार....
~रश्मि
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