मेहनतकश काम
मिलती है हमें
मेहताना अधुरी
जो बच गया
पुरी करते हैं
बातों के प्रहार से
लात -घूंसों का
दौर भी चलता है
अवकाश का तो
प्रश्न ही नहीं
पर वर्ष में
एक बार मनाते हैं
हमारी वर्षगाँठ
उपहार स्वरुप
देते हैं
जो ज्ञान
वही करते हैं
हमें हलाल
क्योंकि हम मजदूर हैं।
~रश्मि
English translation :-
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