तुम्हारी......
बरसों हो गये
पर लगता है
कल ही की बात है
तुमसे पहली बार मिली
दूसरी - चौथी बार मिली
सैकड़ो बार मिली
या फिर हजारों बार मिली
बर्षों पहले ये
हजारों बार मिलना भी
लगता है
कल की ही बात है
बहोत याद आती है
तुम्हारी.....
~रश्मि
पारिजात की तरह पारिजात की खुबसुरती टूटकर बिखर जाने में है चलो एक बार फिर भ…
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